
मुंबई का सिनेमा जगत हंगामे में है। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो’ की रिलीज को रोकने के लिए हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनका आरोप है कि फिल्म में उनके पिता की छवि को हिंसक और आक्रामक तरीके से तोड़ा-मरोड़ा गया है।
सनोबर ने बताया, ‘ट्रेलर देखकर साफ पता चलता है कि पिता जी को गलत दिखाया गया। वे तो अपराधियों के खिलाफ पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट और लाइसेंसी हथियार दिए गए थे।’ उन्होंने कहा कि शाहिद के लुक से ही शक हुआ था, जो अब पुष्ट हो गया।
फिल्म में कार चेज, गाली-गलौज और महिलाओं से अभद्र व्यवहार के सीन हैं, जो हकीकत से कोसों दूर। सनोबर बोलीं, ‘अगर ये मेरे बाबा की कहानी है तो समाज में मेरी इज्जत पर सवाल उठेंगे।’ उन्होंने मांग की कि गलतियां सुधारें या नाम हटा दें।
हुसैन उस्तारा फिल्म प्रोड्यूसर थे, जिन्होंने हुसैन और उस्मा को अपनी बहन-बेटी की तरह पाला। किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ पर बनी यह फिल्म पूरी तरह विकृत है। 28 साल बाद भी परिवार को ठेस पहुंच रही।
हाल ही में प्रतीक सरना जैसे लोगों ने उनकी सराहना की। सनोबर ने कहा, ‘आक्रामकता हिंसा नहीं होती। मनोरंजन के नाम पर किसी की इमेज बिगाड़ना गलत है।’ अदालत का फैसला फिल्म के भविष्य पर असर डालेगा।