
स्पेन के ए कोरुना में 4 और 5 फरवरी को सैन्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग पर तीसरा अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। इस मंच पर वैश्विक शांति को मजबूत करने और दुरुपयोग या तकनीकी खराबी से उत्पन्न खतरों से बचने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के शस्त्र नियंत्रण विभाग के उप महानिदेशक ली चिजियांग ने किया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि विश्व स्तर पर सैन्य विकास में बुद्धिमत्ता एक प्रमुख धारा बन चुकी है।
ली चिजियांग ने जोर देकर कहा, ‘सैन्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदार उपयोग पूरी मानवता के साझा भविष्य से जुड़ा विषय है। यह हमारे समय की साझा चुनौती है।’
चीन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को परामर्श, संयुक्त योगदान और साझा लाभ की नीति अपनाते हुए समग्र, व्यापक, सहयोगी और सतत सुरक्षा की अवधारणा को मजबूत करना चाहिए। प्रभावी शासन तंत्र बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, ताकि एआई हमेशा मानव सभ्यता के हित में विकसित हो।
एआई के क्षेत्र में अग्रणी शक्ति के रूप में चीन ने सैन्य अनुप्रयोगों में जोखिम प्रबंधन और सुरक्षा शासन को प्राथमिकता दी है। ‘मानव-केंद्रित सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ की अवधारणा को अपनाते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तकनीक मानव निर्णय प्रक्रिया का पूरक बने।
शिखर सम्मेलन ने स्वायत्त हथियारों और निर्णय प्रणालियों जैसे मुद्दों पर बहस को गति दी। चीन की यह पहल वैश्विक एआई शासन में संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जो शांति को प्राथमिकता देती है।