
प्रसिद्ध गायिका पलक मुच्छल ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी यादें ताजा कीं, जो उनके संगीतमय सफर की नींव साबित हुईं। महज चार साल की उम्र से गायकी शुरू करने वाली पलक को 2000 में एक ऐसा सम्मान मिला, जिसने उनके सपनों को पंख दिए।
5 फरवरी 2000 को तत्कालीन उपराष्ट्रपति कृष्णकांत ने उन्हें गायन में असाधारण प्रतिभा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा। इंस्टाग्राम पोस्ट में पलक ने लिखा, ‘5 फरवरी मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गया। कृष्णकांत जी से पुरस्कार पाना मेरी छोटी कल्पना से परे था।’
उन्होंने सपनों, मासूमियत और जुनून की ताकत का जिक्र किया, जहां उम्र बाधा नहीं बनती। नन्ही बच्ची से आज की स्टार तक का सफर हर आशीर्वाद और मार्गदर्शक के लिए आभार व्यक्त किया। ‘आशिकी 2’ और ‘एमएस धोनी’ जैसे फिल्मों के सुपरहिट गानों से लोकप्रिय पलक का जादू आज भी बरकरार है।
गायकी के साथ-साथ सामाजिक कार्य में सक्रिय पलक ने गरीब बच्चों के दिल के ऑपरेशन कराने में 3,000 से अधिक मामलों में मदद की है। लाइव शो की कमाई और निजी बचत से ये नेक काम जारी रखती हैं।
पलक की यह कहानी मेहनत, लगन और सेवा भाव की मिसाल है, जो लाखों को प्रेरित करती है।
