
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में जुमे की नमाज के वक्त इमामबाड़े पर हुए भयानक धमाके ने 15 से अधिक लोगों की जान ले ली और 80 से ज्यादा को घायल कर दिया। इलाके में हड़कंप मच गया, लोग इधर-उधर भागने लगे जबकि राहत टीमें घायलों को बचाने में जुटी रहीं।
जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि मरने वालों की तादाद 15 तक पहुंच चुकी है। घायलों को शहर के कई अस्पतालों में दाखिल किया गया है, जिनकी संख्या 80 से ऊपर है। पीआईएमएस अस्पताल में अकेले 32 मरीज भर्ती हुए हैं। धमाके की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और विस्फोट स्थल को पूरी तरह घेर लिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकी को मस्जिद के दरवाजे पर रोका गया था, जिसके बाद उसने खुद को उड़ा लिया। अधिकारी अभी पुष्टि नहीं कर रहे, लेकिन फोरेंसिक जांच तय करेगी सच्चाई। यह हमला तब हुआ जब बलूचिस्तान में हिंसा चरम पर है। बीएलए ने ‘ऑपरेशन हेरोफ-2’ के तहत क्वेटा, नुश्की समेत 12 जगहों पर हमले किए हैं।
नुश्की के अहमद वाल और गलांगुर में सेना के कैंप पर कब्जे का दावा किया गया। जनवरी 31 से चला यह अभियान पाकिस्तानी सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचा रहा। स्थानीय लोग सुरक्षा बलों पर आबादी वाले इलाकों में जंग छेड़ने का आरोप लगा रहे हैं। नवंबर में इस्लामाबाद कोर्ट ब्लास्ट में भी 12 मरे थे।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के दौरे के बीच यह घटना सुरक्षा चिंताएं बढ़ा रही। पाकिस्तान में हाल के दिनों में आतंकी वारदातें तेज हो गईं। जांच तेज है, ताकि दोषियों को सजा मिले और भविष्य सुरक्षित हो।