
ढाका में सियासी हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कट्टरपंथी संगठन इंकिलाब मंचो के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच कराने का फैसला किया है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जल्द ही यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा।
यह निर्णय तब लिया गया जब इंकिलाब मंचो के कार्यकर्ताओं ने ढाका में मुख्य सलाहकार के आधिकारिक आवास जमुना हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया। गुरुवार शाम से चल रहे इस प्रदर्शन में संगठन सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर, फातिमा तसनीम जुमा, हादी की पत्नी और कुछ समर्थक मौजूद हैं। जाबेर ने भाषण में कहा कि वे हजारों को जुटा सकते थे, लेकिन हादी की पत्नी के साथ डटे रहना बेहतर समझा। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना न्याय की गारंटी धरना समाप्त नहीं होगा।
धरने के दौरान संगठन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वे पुलिस और लाठीधारी बलों से घिरे हैं। उनका आखिरी संकल्प है- हादी हत्याकांड की यूएन नेतृत्व में जांच न होने तक हिलेंगे नहीं, भले जान पर बने।
32 वर्षीय हादी जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलनों से चर्चित हुए थे, जिनसे शेख हसीना सरकार गिरी। वे 12 फरवरी के चुनावों के उम्मीदवार भी थे। उन पर इस्लामवादी और भारत-विरोधी प्रचार के आरोप थे। 12 दिसंबर 2025 को पलटन रोड पर रिक्शे में जाते वक्त बाइक सवारों ने सिर में गोली मारी। सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर को निधन हो गया।
पुलिस ने इसे राजनीतिक हत्या बताया, साजिश सिंगापुर में रची गई। डीएमपी की डिटेक्टिव ब्रांच ने 17 आरोपियों पर चार्जशीट दायर की। आगामी चुनावों से पहले यह यूएन प्रस्ताव बांग्लादेश की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।