
इंफाल। मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में शुक्रवार को कुकी-जो आदिवासी संगठनों के 24 घंटे के पूर्ण बंद के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह विस्थापित हो गया। राज्य सरकार गठन में कुकी-जो विधायकों की भागीदारी के खिलाफ कई संगठनों ने इस बंद का आह्वान किया था, जिससे पूरे जिले में तनाव का माहौल बना रहा।
केएसओ, कुकी विमेन ऑर्गनाइजेशन और जेएफ-7 जैसे संगठनों के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जिला मुख्यालय के प्रमुख इलाकों में वाहनों को रोका। सरकारी कार्यालय, स्कूल, बाजार, बैंक सब बंद रहे। सड़कें सुनसान पड़ी रहीं।
तेंगनौपाल समेत अन्य पहाड़ी जिलों में भी विरोध मार्च निकाले गए। गुरुवार शाम तुइबोंग बाजार में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। पांच लोग घायल हुए।
युवा प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, नेमचा किपगेन के खिलाफ नारे लगाए। किपगेन ने बुधवार को वर्चुअल शपथ लेकर उपमुख्यमंत्री पद संभाला। कुकी-जो काउंसिल ने भाग लेने वाले विधायकों का सामाजिक बहिष्कार घोषित किया।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और राज्यपाल ने शांति बहाली पर जोर दिया। अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।