
नई दिल्ली में नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के टाइटल ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया है। इस नाम को ब्राह्मण समाज के अपमान का प्रतीक बताते हुए बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने केंद्रीय सरकार से तत्काल बैन की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट में मायावती ने दर्द भरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यूपी ही नहीं, फिल्मों में भी पंडितों को घुसपैठिया और भ्रष्ट दिखाकर अपमान किया जा रहा है, जिससे ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश है। बसपा ऐसी जातिवादी फिल्म का विरोध करती है और केंद्र से प्रतिबंध लगाने की अपील करती है।
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां लोग इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बता रहे। नेटफ्लिक्स की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
इससे पहले वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि टाइटल ब्राह्मणों की गरिमा को चोट पहुंचाता है और भ्रष्टाचार से जोड़कर सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकता है। अनुच्छेद 226 के तहत तुरंत रोक लगाने की गुहार लगाई गई।
यह विवाद मनोरंजन जगत में जातिगत संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है। मायावती के समर्थन से आंदोलन तेज हो गया है, जिसका असर फिल्म की रिलीज पर पड़ेगा। समाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सतर्कता जरूरी है।