
मुंबई के शेयर बाजारों ने शुक्रवार को वैश्विक कमजोरी के असर में सपाट खुलावट के साथ कारोबार शुरू किया। सुबह नौ बजकर अठारह मिनट पर सेंसेक्स में 78 अंकों की हल्की गिरावट के साथ 83,235.55 और निफ्टी में 56 अंकों की कमजोरी के साथ 25,586 पर कारोबार हो रहा था। निवेशकों की नजरें भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के दोपहर दस बजे होने वाले ऐलान पर केंद्रित हैं, जिसकी अगुवाई गवर्नर संजय मल्होत्रा करेंगे।
शुरुआती दम में तेल-गैस, निजी बैंक, ऊर्जा और वित्तीय सेवाओं में खरीदारी ने कुछ सहारा दिया। हालांकि, आईटी, फार्मा, हेल्थकेयर, मीडिया, ऑटो, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं, धातु और सार्वजनिक क्षेत्र के सूचकांकों पर दबाव दिखा। लार्जकैप के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 315 अंक या 0.53 प्रतिशत लुढककर 59,201 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 193 अंक या 1.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,790 पर था।
सेंसेक्स के प्रमुख लाभकर्ताओं में भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, टाइटन और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। वहीं, टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एनटीपीसी, बीईएल, एशियन पेंट्स, इटरनल, इंडिगो और ट्रेंट प्रमुख हारने वाले रहे।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आरबीआई फरवरी बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखेगा और जीडीपी व महंगाई के अनुमानों में बदलाव नहीं करेगा। ईयू व अमेरिका के व्यापार समझौतों पर केंद्रीय बैंक की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। दिसंबर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद यह फैसला बाजार के लिए अहम साबित होगा।
वैश्विक बाजारों में भी अधिकांश गिरावट के साथ कारोबार जारी रहा। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता लाल निशान में रहे, जबकि बैंकॉक हरे में। अमेरिकी सूचकांक गुरुवार को नीचे बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना लगभग एक प्रतिशत और चांदी करीब पांच प्रतिशत लुढकी। आरबीआई के फैसले से बाजार में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।