
नई दिल्ली से मिली खबरों के अनुसार, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत हो रहे रिश्तों पर प्रकाश डाला। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के नेतृत्व में कोलंबो में श्रीलंका के विदेश मामलों, विदेशी रोजगार एवं पर्यटन मंत्री विजिता हेराथ से महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
भगवान बुद्ध के पवित्र देवनिमोरी अवशेष प्रदर्शनी को श्रीलंका की जनता ने जिस उत्साह से अपनाया, उसके लिए आभार व्यक्त किया गया। इस प्रदर्शनी ने दोनों देशों के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक बंधन को और मजबूत किया है।
बातचीत में जन-जन स्तर पर संपर्क बढ़ाने और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग विस्तार पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों का मानना है कि पर्यटन से न केवल आर्थिक प्रगति होगी, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी सशक्त बनेगा।
सोशल मीडिया एक्स पर हर्ष संघवी ने बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह संवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘पड़ोसी पहले’ नीति की साकार छवि है। यह मिलन दोनों देशों के स्थायी संबंधों को नई दिशा देगा।
आगे बढ़ते हुए, ऐसे प्रयास भारत-श्रीलंका मित्रता को और सुदृढ़ करेंगे, जिससे क्षेत्रीय शांति और समृद्धि को बल मिलेगा।