
पाकिस्तान के संवेदनशील प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और राज्यपाल फैसल करीम कुंडी के बीच तेज होता राजनीतिक विवाद आतंकवाद की चुनौतियों को और जटिल बना रहा है। क्षेत्र में लगातार बढ़ते हमलों के बीच यह टकराव सुरक्षा प्रयासों को कमजोर करने का संकेत दे रहा है।
अफरीदी ने सेफ सिटीज परियोजना को गति देने के लिए पेशावर, डेरा इस्माइल खान, बन्नू और लक्की मरवत में कैमरे लगवाए—पेशावर में 711, डेरा में 88, बन्नू में 76 और लक्की में 47। विलयित जिलों जैसे टैंक, उत्तर वजीरिस्तान तक विस्तार के आदेश दिए गए, ताकि निगरानी मजबूत हो और अपराध रोका जा सके।
राज्यपाल कुंडी ने इसे खानापूर्ति बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अफरीदी पर रैलियों में व्यस्त रहने का आरोप लगाया, जबकि टैंक में आईईडी धमाके से सात पुलिसकर्मी शहीद हो गए और बन्नू-डेरा में हिंसा बढ़ी।
कुंडी ने सैन्य अभियान तेज करने, सीटीडी की ताकत बढ़ाने और अफगान कनेक्शन वाले ड्रोन हमलों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नेताओं से संघीय संस्थाओं के साथ एकजुट होने को कहा, वरना तालिबानीकरण फैलेगा।
संघीय मंत्री तरार ने भी अफरीदी के अफगानिस्तान वाले बयानों की निंदा की। 2024 में 702 घटनाओं से 1363 मौतें हुईं—45% की बढ़ोतरी। 2025 में 500+ हमले, लेकिन बन्नू-पेशावर पर खतरा बरकरार।
पीटीआई सरकार पर सेवाओं में नाकामी के आरोप लगाते कुंडी ने सहयोग पर जोर दिया। यह विवाद प्रांत को अस्थिरता की ओर धकेल सकता है।