
हॉलीवुड के स्वर्ण युग में कुछ कलाकार ऐसे थे जिन्होंने अपनी सादगी भरी अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। जोसेफ कॉटन उनमें से एक थे, जिनका जन्म 15 मई 1905 को वर्जिनिया में एक डाक अधिकारी के घर हुआ। शुरुआती जीवन संघर्षों भरा रहा—क्लर्क, लाइफगार्ड, सेल्समैन जैसे काम किए, लेकिन थिएटर का जुनून उन्हें मियामी तक ले गया।
ऑर्सन वेल्स की नजर उन पर पड़ी और 1941 की सिटीजन केन ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इस महान फिल्म में उनके किरदार ने महत्वाकांक्षा के अंधेरे पक्ष को खूबसूरती से उकेरा। फिर 1949 की द थर्ड मैन में वियना की रहस्यमयी गलियों में उनका अभिनय अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाने वाला साबित हुआ।
कॉटन की ताकत थी किरदारों को जीवंत बनाना। रोमांस हो या थ्रिलर, हर भूमिका में वे सहजता का प्रदर्शन करते थे। ऑस्कर तो न मिला, लेकिन उनकी फिल्में सिनेमा की अमूल्य धरोहर हैं।
लंबे करियर में दर्जनों प्रोजेक्ट्स किए, टेलीविजन तक पहुंचे। 6 फरवरी 1994 को उनका निधन हुआ, लेकिन क्लासिक सिनेमा में उनकी संवेदनशील छवि अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेंगी।