
दुबई में विश्व सरकार शिखर सम्मेलन के तीसरे दिन केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में आयुष और आधुनिक चिकित्सा के एकीकरण को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने उपचार-केंद्रित से रोकथाम और कल्याण-उन्मुख प्रणाली की ओर बढ़ने पर बल दिया।
‘पॉलिसी से प्रैक्टिस तक: इंटीग्रेटिव मेडिसिन का भविष्य’ सत्र में पटेल ने शहरीकरण, खराब आहार, निष्क्रियता और तनाव से बढ़ते गैर-संक्रामक रोगों का जिक्र किया। समय-समय पर इलाज अब पर्याप्त नहीं। आयुष का समन्वय निवारक और जन-केंद्रित स्वास्थ्य तंत्र बनाएगा, जो यूएचसी के अनुरूप है।
भारत ने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर अग्रणी भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 ने इसे संस्थागत रूप दिया। प्राथमिक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर योग-आयुष सेवाएं दे रहे। द्वितीयक में आयुष ब्लॉक, तृतीयक में विशेष इकाइयां स्थापित हो रही हैं। चिकित्सा शिक्षा में भी शामिल।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 88% देशों में पारंपरिक चिकित्सा स्वीकृत। पटेल का मॉडल वैश्विक स्वास्थ्य समानता का मार्ग प्रशस्त करेगा।