
नई दिल्ली। भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ये शब्द बर्दाश्त के बाहर हैं और विपक्ष के नेता के पद की मर्यादा को ठेस पहुंचाते हैं।
इल्मी ने स्पष्ट किया कि किसी का दल बदलना सामान्य बात है। ऐसे में गद्दार जैसे अपशब्दों का प्रयोग राहुल गांधी की खुद की छवि खराब करता है।
ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट में दिए बयान पर इल्मी ने तंज कसा कि संवैधानिक संस्था को व्हाट्सएप कमीशन बताकर उन्होंने अपनी मानसिकता उजागर कर दी। उनका वोटबैंक घुसपैठियों पर टिका है।
उत्तर प्रदेश के बस्ती में धर्मांतरण केस पर इल्मी ने शमा बानो की कार्रवाई को गलत ठहराया। कुरान में जबरन धर्म परिवर्तन का कोई स्थान नहीं।
पीएम मोदी के बयान का हवाला देते हुए इल्मी ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को कुरान के साथ कंप्यूटर की शिक्षा मिलनी चाहिए। यूपी के मदरसों की जांच पारदर्शिता के लिए जरूरी है, जहां पाठ्यक्रम, फंडिंग और शिक्षा की गुणवत्ता का ऑडिट हो।