
दिल्ली हाईकोर्ट ने अनधिकृत कॉलोनियों और देहाती इलाकों में कूड़ा डंपिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जनहित याचिका पर आए इस फैसले ने हजारों निवासियों को लंबे समय से चली आ रही कूड़े की विभीषिका से मुक्ति दिलाई है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इसे सरकार के लिए करारा प्रहार बताया। उन्होंने एमसीडी और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि किराड़ी की शर्मा कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में भलस्वा लैंडफिल का कूड़ा डीडीए की जमीन पर डाला जा रहा था, जिससे चार फीट ऊंचे कूड़े के ढेर बन गए।
इससे जलभराव, हवा-मिट्टी का प्रदूषण और भूजल का ज़हरीला होना आम हो गया। ट्यूबवेल का पानी पीने लायक नहीं बचा, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहा है। भारद्वाज ने 27 जनवरी को现场 का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था।
आप ने शुरू से इस मुद्दे को उछाला और लैंडफिल विस्तार का विरोध किया। अब उम्मीद है कि कोर्ट के आदेश का पालन होगा और गरीब बस्तियों को कूड़े के पहाड़ों से आजादी मिलेगी। यह फैसला दिल्ली के कचरा प्रबंधन में नई दिशा दे सकता है।