
नई दिल्ली। लोकसभा में जारी हंगामे के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की पूरी आजादी देने की मांग की। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर उनकी टिप्पणियों को लेकर उठी आपत्तियों ने संसद में एक गंभीर संकट पैदा कर दिया है। थरूर ने स्पष्ट कहा कि गांधी ने जो कहा, वह पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में था।
हंगामे पर बात करते हुए थरूर बोले, ‘विपक्ष के नेता को बोलने का मौका मिलना चाहिए। वे एक ऐसे मुद्दे पर बोल रहे थे, जो किसी पत्रिका में पहले ही छप चुका था। यह कोई गोपनीय बात नहीं थी। वे अपना पक्ष रखना चाहते थे और फिर अभिभाषण के बाकी बिंदुओं पर चर्चा करने को तैयार थे। इतनी तीखी आपत्ति जताकर और उन्हें रोककर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया।’
यह विवाद तब भड़का जब संसद में राष्ट्रपति अभिभाषण से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष ने विरोध जताया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार सदन में विपक्ष की आवाज दबा रही है।
इधर, थरूर ने अपनी चोट की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि बुधवार को संसद भवन के बाहर गिरने से उन्हें हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया। ‘कल संसद से निकलते वक्त गिर गया। दुर्भाग्य से हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया,’ उन्होंने कहा।
चोटिल होने के बावजूद थरूर ने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि वे रोज संसद आएंगे और अगले सप्ताह समिति की बैठकों में भी हिस्सा लेंगे, भले व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़े। पहले वे पार्टी की आंतरिक बैठक से अनुपस्थित रहने के लिए माफी मांग चुके थे, क्योंकि मेडिकल जांच करानी पड़ी थी।
संसदीय सत्र में यह टकराव जारी है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार उनके नेताओं को बोलने से रोक रही है। थरूर की यह अपील संसदीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक अहम कदम साबित हो सकती है।