
नई दिल्ली। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उथल-पुथल के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को मजबूत करने वाली रणनीतिक साझेदारी पर ऑस्ट्रेलिया के भारत स्थित उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र के लिए एक समान दृष्टिकोण रखते हैं, जो स्थिर, खुला और समृद्ध हो।
आईएएनएस को दिए विशेष इंटरव्यू में ग्रीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज के बीच इस मुद्दे पर पूर्ण सहमति का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रणनीतिक साम्य, आर्थिक पूरकता और ‘ह्यूमन ब्रिज’ यानी भारत मूल के 10 लाख से अधिक लोगों का योगदान इन रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। ये लोग ऑस्ट्रेलिया की समाजव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापारिक पुल का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दोस्ती और विश्वास पर आधारित साझेदारी जरूरी है। यही आधार ईसीटीए जैसे मुक्त व्यापार समझौते को जन्म देता है, जिसने दोनों देशों के बीच व्यापार को तेजी से बढ़ाया है।
ग्रीन ने चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया- पिछले पांच वर्षों में भारत के वैश्विक निर्यात में 40 प्रतिशत वृद्धि हुई, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को निर्यात 200 प्रतिशत उछला, यानी पांच गुना तेज। इससे साबित होता है कि खुली अर्थव्यवस्थाएं और परस्पर भरोसा चमत्कार रच सकते हैं।
भविष्य के अवसरों में शिक्षा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन प्रमुख हैं। तकनीक पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने वाई-फाई और गूगल मैप्स जैसी खोजें कीं, लेकिन वैश्विक विस्तार के लिए भारत की क्षमता जरूरी है। इस महीने के अंत में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट से पहले ऑस्ट्रेलियाई टेक कंपनियों को भारत आने का आह्वान किया।
हिंद-प्रशांत की बदलती चुनौतियों के बीच भारत-ऑस्ट्रेलिया की यह एकजुटता क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि की गारंटी बन सकती है।