
नई दिल्ली। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1.4 अरब देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि ऊर्जा स्रोतों में विविधीकरण बाजार की स्थितियों और वैश्विक परिवर्तनों पर आधारित रणनीति का अभिन्न अंग है।
जायसवाल ने कहा, ‘सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से इस प्राथमिकता को रेखांकित किया है। ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाना हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है, जो सभी निर्णयों का आधार बनेगा।’
वेनेजुएला के साथ ऊर्जा संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि यह देश लंबे समय से कच्चे तेल, व्यापार और निवेश में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। 2019-20 तक आयात जारी रहा, प्रतिबंधों के कारण रुका, 2023-24 में फिर शुरू हुआ लेकिन दोबारा रुक गया। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां 2008 से वहां सक्रिय हैं।
‘हम वेनेजुएला या किसी अन्य स्रोत से व्यावसायिक रूप से लाभकारी आपूर्ति के विकल्पों का मूल्यांकन करने को तैयार हैं,’ उन्होंने जोर दिया।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का फोन आया। दोनों ने व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि और जन-जन संबंधों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने एक्स पर इसे साझा करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात कही।
यह नीति भारत को वैश्विक ऊर्जा अस्थिरता के बीच मजबूत बनाती है, जहां विविध स्रोत और व्यावहारिक निर्णय विकास की गति बनाए रखेंगे।