
जैसलमेर की रेतीली भूमि पर 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना अपना सबसे भव्य प्रदर्शन करेगी। वायु शक्ति 2026 नामक इस विशाल अभ्यास में 100 से अधिक विमान पाकिस्तान सीमा के निकट अपनी ताकत का लोहा मनवाएंगे। ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर तैयार यह ड्रिल वेस्टर्न और साउथ वेस्टर्न कमांड के सभी संसाधनों को एकजुट करेगी।
राफेल, सुखोई-30, तेजस, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और हॉक जैसे लड़ाकू विमान निशाने साधते दिखेंगे। मिग-21 अब रिटायर हो चुके हैं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति पहली बार दर्ज होगी। प्रचंड हेलीकॉप्टर रॉकेट दागेंगे, तो सी-130जी और सी-295 रात में हमले की प्रैक्टिस करेंगे। सी-130जे गरुड़ कमांडो को जंग के मैदान में उतारकर फटाक से उड़ान भरेगा।
आईएसीसीएस सिस्टम पूरे अभ्यास को नियंत्रित करेगा, जहां सभी रडार डेटा से हवाई तस्वीर बनेगी। आकाश मिसाइल, एल-70 तोपें और एंटी-ड्रोन सिस्टम हवाई रक्षा की कई परतें बनाएंगे। पाकिस्तान को नोटिफाई कर दिया गया है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।
वीवीआईपी और दोस्त देशों के राजदूतों के 40 अधिकारी इस शक्ति प्रदर्शन को देखेंगे। यह अभ्यास न केवल तैयारियों को परखेगा, बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए मजबूत संदेश भी देगा। वायुसेना की यह ताकत दुश्मनों को सबक सिखाएगी।
