
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में राजमुंदरी शहर के आसपास पिछले पांच दिनों से एक बाघ के घूमने से इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें पुलिस और विशेष बलों की टीमें भी शामिल हैं।
राजनगरम मंडल के भूपालपटनम गांव में मवेशियों पर बाघ के हमलों की पुष्टि के बाद अलर्ट जारी किया गया। शहर से मात्र 20 किलोमीटर दूर इस घटना ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है।
कलेक्टर कीर्ति चेकुरी ने आसपास के स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया। जी. येर्रमपालेम क्षेत्र में तीन बछड़ों के शिकार की खबरें आई हैं, जबकि बुधवार रात पुण्यक्षेत्रम में एक गाय को मार गिराया गया। अधिकारियों का मानना है कि बाघ इसी परिधि में सक्रिय है।
लोगों को घरों में सुरक्षित रहने, अकेले खेतों या जंगलों में न जाने की हिदायत दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक बाहर न निकलने को कहा गया। बाघ को उकसाने या नुकसान पहुंचाने से सख्ती से बचा जाए।
बारह वन टीमें जाल, पिंजरे और बेहोश करने वाली दवाओं के साथ तैनात हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.वी. चलपति राव ने बताया कि पुणे व दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। बाघ को बेहोश कर जंगल में छोड़ने की अनुमति मिल चुकी है।
अनुमान है कि बाघ महाराष्ट्र से तेलंगाना व छत्तीसगढ़ होकर 600 किलोमीटर की यात्रा कर यहां पहुंचा। मंगलवार रात दीवान चेरुवु, हाईवे, स्कूल व कन्वेंशन सेंटर के पास दिखा। विधायक बी. बलराम कृष्ण ने पकड़ने की सरकारी मंजूरी की पुष्टि की। अभियान जारी है।