
नई दिल्ली में संसद के पटल पर कांग्रेस सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि इस विवादास्पद डील से देश के किसानों का भविष्य खतरे में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का मौका मिलना चाहिए, ताकि सरकार सदन में जवाब दे सके।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सरकार ने देश को अमेरिका के हवाले कर दिया है। किसानों को बर्बाद करने का यह सीधा षड्यंत्र है। ट्रंप की मांगें साफ हैं—आटा-चावल पर रोक, लेकिन मक्का, सोयाबीन, सेब सब खुला खेल। किसानों की कमर टूट जाएगी।
विपक्ष पर बोलने की पाबंदी लोकतंत्र के लिए घातक है। सदन बार-बार स्थगित हो रहा है, जबकि चर्चा जरूरी है। तारिक अनवर ने किसानों की बेचैनी जताई और सरकार के सरेंडर पर सवाल उठाए। निशिकांत दुबे की आपत्तिजनक भाषा ने आग में घी डाला।
केसी वेणुगोपाल ने संसदीय परंपरा का हवाला दिया—विपक्षी नेता को बहस का अधिकार है। मणिकम टैगोर ने कहा, राहुल गांधी सहित सभी को बोलने दें, पीएम भी सदन में जवाब दें। यह मांग लोकतंत्र की जीत होगी।
किसान चिंतित हैं, संसद ठप है। सरकार को अब बहस से भागना बंद करना चाहिए।