
भारत में इस महीने शुरू हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 100 देशों के 500 से अधिक स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे। अमेरिका से मजबूत प्रतिनिधिमंडल आ रहा है, जिसका नेतृत्व व्हाइट हाउस के साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस करेंगे।
क्रैट्सियोस ट्रंप के एआई एक्सपोर्ट्स प्रोग्राम पर वैश्विक साझेदारों को अपडेट देंगे, जो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से शुरू हुआ था। प्रतिनिधिमंडल में आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग, वाणिज्य विभाग के अंतरराष्ट्रीय व्यापार अवर सचिव विलियम किमिट और उद्योग-सुरक्षा अवर सचिव जेफरी केसलर शामिल हैं।
क्रैट्सियोस ने एक्स पर लिखा, ‘भारत के एआई समिट में अमेरिकी टीम का नेतृत्व करने को उत्साहित। अमेरिका एआई नवाचार में स्वर्ण मानक स्थापित कर रहा है, इसे साझा करने को तैयार।’
इधर, अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कांग्रेस को बताया कि एआई वित्तीय स्थिरता की चार प्रमुख चुनौतियों में शामिल हो गया है। अन्य में वित्तीय बाजार, साइबर सुरक्षा और नियामकीय आधुनिकीकरण हैं।
बेसेंट ने कहा, ‘काउंसिल एआई के जिम्मेदार उपयोग को वित्तीय स्थिरता मजबूत करने में प्राथमिकता दे रही है।’ नियामक सार्वजनिक-निजी साझेदारों के साथ जोखिमों पर नजर रख रहे हैं और प्रणाली की मजबूती बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि एआई बैंकिंग और वित्तीय बाजारों में तेजी से फैल रहा है, जहां इसका उपयोग जोखिम प्रबंधन, अनुपालन और संचालन में हो रहा है। ‘हम शोर-शराबे को नजरअंदाज कर वित्तीय स्थिरता के असली मुद्दों पर केंद्रित हैं।’
यह समिट एआई के अवसरों और जोखिमों पर वैश्विक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बनेगा, जिसमें भारत की भूमिका सराहनीय है।