
वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को दिए साक्षात्कार में खुलासा किया कि उन्होंने चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स का इस्तेमाल कभी नहीं किया। फिर भी, वे मानते हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता देश की प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि एआई की दौड़ में अमेरिका न केवल चीन से बल्कि पूरी दुनिया से कहीं आगे है। उन्होंने कहा, “हम चीन से बहुत आगे हैं। एआई क्षेत्र में अमेरिका का दबदबा बरकरार है।”
उन्होंने बताया कि एआई और ऑटोमोबाइल कंपनियां अमेरिका में बड़े-बड़े कारखाने लगा रही हैं। इन कारखानों को भारी बिजली की जरूरत होती है, इसलिए नई फैक्ट्रियां खुद बिजली पैदा करने की योजना बना रही हैं।
एआई से नौकरियों पर संकट के सवाल पर ट्रंप ने पुरानी तकनीकी क्रांतियों का हवाला दिया। “इंटरनेट और रोबोट्स के आने पर भी यही कहा गया था कि नौकरियां चली जाएंगी, लेकिन होशियार लोग हमेशा सफल हुए।”
ट्रंप ने राष्ट्रपति पद को सबसे खतरनाक नौकरी बताया और कहा कि सुरक्षा चिंताओं के बावजूद डर को किनारे करना पड़ता है। अमेरिका एआई में भारी निवेश कर दुनिया को पीछे छोड़ने को तैयार है।