
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ ठहराने से राजनीतिक हंगामा मच गया। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि संसद की मर्यादा में ऐसी भाषा अंगीकृत नहीं हो सकती। उन्होंने राहुल के इस बचकाने रवैये को कांग्रेस के लिए बार-बार शर्मिंदगी का कारण बताया।
आईएएनएस से बातचीत में प्रसाद ने जोर देकर कहा कि एलओपी का यह व्यवहार उनकी पार्टी को मुश्किल में डालता है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने उल्लेख किया कि कांग्रेस के 99 सांसदों में से दो दर्जन से अधिक दल-बदल चुके हैं। सिख समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाते हुए देव ने कहा कि बिट्टू जैसे सिख नेता को गद्दार कहना चिंताजनक है।
सिख इतिहास बलिदान से भरा पड़ा है, ऐसे में यह पूरे समुदाय का अपमान है। दूसरी ओर, जदयू प्रवक्ता ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। दिल्ली उनके लिए खुली है, लेकिन मतदाता सूची संशोधन पर हंगामा बिहार जैसा ही है। तेजस्वी-राहुल का वोट फर्जीवाड़ा अभियान बेनतीजा रहा।
भाजपा प्रवक्ता ने ममता पर 50 लाख वोटर हटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह खूनखराबे का माहौल बना रही हैं ताकि हार पर साजिश का रोना रो सकें। ये बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को उजागर करते हैं।