
जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए ब्रिटिश नागरिकता छिपाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में अफशां शबीर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
शिबाथ जदीबल निवासी अफशां, सैयद अकील अहमद की पत्नी हैं। 2019 में एसकेआईएमएस सौरा में सहायक प्रोफेसर के पद पर चयनित हुईं। जांच में पता चला कि वे यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं और उनके पास ओसीआई कार्ड भी मौजूद है, जो सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य बनाता है।
विज्ञापन 04/2015 के तहत इन-सर्विस उम्मीदवार बनकर आवेदन किया। भारतीय नागरिकता और जम्मू-कश्मीर की स्थायी निवासी होने का झूठा दावा करते हुए स्टेट सब्जेक्ट सर्टिफिकेट समेत फर्जी कागजात जमा किए। इसी आधार पर चयन हो गया।
ईओडब्ल्यू की छानबीन में सर्विस बुक, पर्सनल फाइल और चयन प्रक्रिया के दस्तावेज जब्त हुए। पूछताछ में अफशां ने ब्रिटिश पासपोर्ट और ओसीआई कार्ड कबूल किया। सेवा प्रवेश से पहले ही ब्रिटिश नागरिकता ले चुकी थीं, लेकिन इसे हमेशा छिपाया।
इस धोखे से सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ। 20 अगस्त 2022 को सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अब चार्जशीट के साथ मामला अदालत में है, जहां धारा 199 और 420 आरपीसी के तहत कार्रवाई होगी।
यह घटना भर्ती प्रक्रिया में सत्यापन की कमजोरियों को उजागर करती है। सख्त नियमों की मांग तेज हो गई है।