
नई दिल्ली में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसदों का सत्ताधारी दल की बेल तक पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने गुरुवार को इस पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष ऐसा करता है तो यह पूरी तरह गलत है।
विपक्ष के जोरदार विरोध प्रदर्शन से सदन की कार्यवाही कई बार ठप हो गई। सांसद अपनी सीट छोड़कर बीच सदन में उतर आए और सत्ता पक्ष की बेल तक पहुंच गए। इस हंगामे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को भी प्रभावित किया, जो स्थगित हो गया।
रामगोपाल यादव ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को बोलने का मौका मिलना चाहिए था। किसी को बोलने से रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। संसद बहस, चर्चा और सवालों के लिए बनी है।’ उनकी यह टिप्पणी संसदीय मर्यादा पर बहस छेड़ रही है।
इधर, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने विपक्ष का बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र के इतिहास में सांसदों का बेल में जाना कई बार हुआ है। यह कोई नई बात नहीं है।’ तिवारी ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि वे संसद और जनता का सामना करने का साहस नहीं जुटा पा रहे।
उन्होंने राष्ट्रपति अभिभाषण पर जवाब न देने को लोकतंत्र पर कलंक बताया। यह घटना राजनीतिक तनाव को उजागर करती है, जहां विपक्ष पारदर्शिता की मांग कर रहा है। आगे सदन में व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा।