
संसद में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर छिड़े विवाद के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर 40 किताबों की विस्तृत सूची साझा की, जिन्हें वे भारत के ‘असली इतिहास’ का खजाना बताते हैं। ये किताबें कथित रूप से कांग्रेस के शासनकाल के विवादास्पद पहलुओं, आपातकाल और वंशवादी राजनीति पर रोशनी डालती हैं।
दुबे ने प्रत्येक किताब के लिए अलग-अलग पोस्ट किए, जिसमें शीर्षक, लेखक और संक्षिप्त विवरण शामिल है। उनका कहना है कि संसद को अप्रमाणित दावों के बजाय इन प्रकाशित और उपलब्ध किताबों पर बहस करनी चाहिए। ‘ये नेहरू-गांधी परिवार के वास्तविक इतिहास को उजागर करती हैं,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
यह कदम राहुल गांधी के लोकसभा में 2020 भारत-चीन तनाव पर दिए बयान के बाद आया। गांधी ने एक पत्रिका के लेख का हवाला देते हुए नरवणे की ‘अप्रकाशित किताब’ का जिक्र किया, जिसमें पीएम मोदी और राजनाथ सिंह का उल्लेख होने का दावा किया। सत्ताधारी पक्ष ने तीव्र विरोध जताया और प्रामाणिक स्रोतों की मांग की।
बुधवार को गांधी किताब लेकर संसद भवन पहुंचे, तो दुबे कई किताबें लाए और सदन में अंश पढ़े। विपक्ष ने हंगामा किया, लेकिन दुबे अडिग रहे। उन्होंने दावा किया कि ये 40 किताबें तो बस शुरुआत हैं—कम से कम 150 ऐसी पुस्तकें हैं जो परिवार से जुड़े भ्रष्टाचार और अनैतिकता बेनकाब करती हैं।
यह घटना राजनीतिक बहस को नई दिशा दे रही है। क्या ये किताबें वास्तविक चर्चा को जन्म देंगी या विवाद बढ़ाएंगी? संसदीय सत्रों में अब साहित्यिक युद्ध की उम्मीद है।