
कैनबरा से मिली नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। 65 साल से कम उम्र के ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों में डिमेंशिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और 2054 तक इनकी संख्या में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चेतावनी है।
वर्तमान में देश में 4 लाख 46 हजार 500 से अधिक लोग डिमेंशिया से जूझ रहे हैं, जो 2025 के 4 लाख 33 हजार 300 से काफी ज्यादा है। 18 से 65 साल की आयु वालों में लगभग 29 हजार मामले दर्ज हैं, जो आने वाले तीन दशकों में 41 हजार तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, 1500 बच्चे भी बचपन से ही इस बीमारी का शिकार हैं।
2024 में डिमेंशिया पहली बार मौतों का प्रमुख कारण बना, जिसमें कुल मृत्यु का 9.4 प्रतिशत हिस्सा रहा। ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर की रिपोर्ट के अनुसार, 2065 तक मामलों की संख्या 10 लाख से अधिक हो जाएगी।
डिमेंशिया ऑस्ट्रेलिया की सीईओ तान्या बुकानन ने राष्ट्रीय मस्तिष्क स्वास्थ्य कार्यक्रम की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी उम्र के मरीजों के लिए बेहतर उपचार, देखभाल और सहायता सेवाओं का विस्तार जरूरी है। ऑस्ट्रेलिया डिमेंशिया अनुसंधान में अग्रणी है, लेकिन व्यवस्था में अभी सुधार की गुंजाइश है।
संगठन ने सरकार से जागरूकता अभियान, सहायता नेटवर्क और देखभालकर्मियों के प्रशिक्षण की अपील की है। डिमेंशिया कई रोगों से उत्पन्न स्थिति है जो मस्तिष्क कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, स्मृति, चिंतन और व्यवहार को प्रभावित करती है।
युवाओं में बढ़ते मामलों से ऑस्ट्रेलिया को व्यापक रणनीति बनाने की जरूरत है ताकि भविष्य सुरक्षित रहे।