
अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन प्रशासन (डीईए) ने एक बड़े अभियान में भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराधी संगठन से जुड़े 200 से अधिक अवैध ऑनलाइन फार्मेसी वेबसाइटों के डोमेन जब्त कर लिए हैं। ऑपरेशन मेल्टडाउन के तहत यह कार्रवाई 27 जनवरी से शुरू हुई, जिसमें पूरे अमेरिका में छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही पांच तत्काल निलंबन आदेश और एक कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
डीईए के मुताबिक, यह संगठन बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के हजारों डायवर्टेड दवाएं और नकली गोलियां बेच रहा था, जिसके लिए कम से कम छह मौतें और चार ओवरडोज के मामले जिम्मेदार ठहराए गए। नियंत्रित पदार्थ अधिनियम (सीएसए) का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए ये ऑपरेटर अमेरिकी ग्राहकों को धोखा दे रहे थे।
वेबसाइटें अमेरिकी दिखने वाले डिजाइन और एफडीए-अनुमोदित दावों से सजी थीं, लेकिन वास्तव में फेंटानिल या मेथामफेटामाइन युक्त नकली दवाओं से ऑर्डर पूरे करते थे। जांच में हजारों ग्राहकों की पहचान हुई, जिसके बाद 20,000 से अधिक पत्र भेजे गए हैं।
अपनी वैश्विक पहुंच का उपयोग कर डीईए भारत सरकार के साथ मिलकर ऐसे खतरनाक नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने में जुटा है। यह कार्रवाई सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ऑनलाइन दवा खरीदारी के जोखिमों को उजागर करती है। उपभोक्ताओं को वैध स्रोतों से ही दवाएं लेने की सलाह दी जाती है।