
नई दिल्ली, 5 फरवरी। फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेशी के बाद कोर्ट ने उन्हें चार दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। गंभीर आरोपों की तहकीकात के लिए पुलिस ने रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। रिमांड पीरियड में यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों पर गहन पूछताछ होगी।
पिछले विवादों को याद करते हुए, अल फलाह यूनिवर्सिटी पर आतंकरोधी एजेंसियों ने डॉक्टरों से जुड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इनमें से एक डॉक्टर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के निकट विस्फोट से जुड़ा पाया गया। ईडी ने पहले ही पम्ला के तहत सिद्दीकी व अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर 139.97 करोड़ की संपत्ति जब्त की।
ईडी के मुताबिक, सिद्दीकी ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी और मेडिकल सेंटर पर पूर्ण नियंत्रण रखते थे। प्रॉक्सी के जरिए वे एनएमसी नियम तोड़कर मंजूरी हासिल करते रहे। यह कार्रवाई शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। जांच आगे बढ़ने पर और खुलासे संभावित हैं।