
वॉशिंगटन, 4 फरवरी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को जरूरी खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर चेतावनी जारी की, जो खतरनाक रूप से एक ही देश-चीन-के नियंत्रण में है। इसे भू-राजनीतिक खतरा बताते हुए उन्होंने 55 अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सोर्सिंग विविधीकरण की नई पहल शुरू की है, जो आर्थिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी।
क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में पत्रकारों से बातचीत में रूबियो ने कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य उन कमजोरियों को दूर करना है जो विकास को बाधित करती हैं। ‘यह मिनिस्टीरियल शानदार ढंग से शुरू हुआ है। 55 साझेदारों के साथ सहयोग की उम्मीद है, कई पहले ही शामिल हो चुके हैं। लक्ष्य सरल है।’
भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया। रूबियो ने विकसित देशों के नीति निर्माताओं की आलोचना की कि उन्होंने कच्चे माल की अनदेखी की। ‘हम डिजाइन के दीवाने हो गए, लेकिन बनाने के लिए सामग्री भूल गए।’
वर्तमान चेन ‘एक देश में अत्यधिक केंद्रित’ है, जो हथियार बन सकती है या महामारी-अस्थिरता से टूट सकती है। कई देशों में संसाधन हैं, लेकिन सब्सिडी वाली अनुचित प्रतिस्पर्धा विकास रोकती है। निजी निवेशक डरते हैं कि बाजार पर कब्जा कर लिया जाएगा।
एक बार नियंत्रण मिला, तो मनमानी कीमतें, दबाव या झटके—यह स्थायी नहीं। अमेरिका घरेलू सुधारों, ट्रंप के स्टॉकपाइल घोषणा और FORGE पहल से नेतृत्व कर रहा है। DFC, EXIM बैंक फाइनांसिंग बताएंगे, ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट समापन करेंगे।
‘आज कई साझेदारों के साथ नए फ्रेमवर्क साइन करेंगे,’ रूबियो ने ऐतिहासिक बताया, अरबों डॉलर का वादा किया। यूक्रेन-रूस की मिलिट्री टीमें पहली बार अमेरिकी फोरम में मिलीं, अनसुलझे मुद्दे कम। यूक्रेन पुनर्निर्माण में मिनरल्स जरूरी।
ईरान पर ट्रंप वार्ता तैयार, लेकिन मिसाइल, आतंक, न्यूक्लियर, मानवाधिकार पर चर्चा जरूरी। अर्जेंटीना, मोरक्को जैसे साझेदार महत्वपूर्ण—कोई देश सब नहीं रखता, सहयोग अनिवार्य।