
नवांशहर। संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी भिड़ंत पर कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि गद्दार को गद्दार कहना कोई अपराध नहीं है। राहुल गांधी ने सरदारों का अपमान नहीं किया, बल्कि बिट्टू के लिए ही ऐसा कहा। जो कभी राहुल को अपनी प्रेरणा मानते थे, वही आज झूठे आरोप लगा रहे हैं।
राहुल ने बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश की थी, लेकिन बिट्टू ने हमला करने का दावा किया। वारिंग ने इसे खारिज करते हुए कहा कि बिट्टू का आज का कद कांग्रेस और राहुल की देन है। तीन बार टिकट दिलवाए, अंबिका सोनी के क्षेत्र से लुधियाना तक का सफर राहुल ने संभाला। बिट्टू पगड़ी तक नहीं बांधते थे, राहुल की प्रेरणा से बांधने लगे—यह वीडियो मौजूद है।
आठ सांसदों के निष्कासन पर वारिंग बोले कि राहुल को बोलने न देने के विरोध में शांतिपूर्ण धरना था। बिट्टू ने कारगिल का ताना मारा, तो राहुल ने कहा—‘नमस्ते मेरे दोस्त, गद्दार’। इसमें क्या बुराई?
पंजाब राजनीति में यह टकराव पुरानी नाराजगियों को उभार रहा है। कांग्रेस बिट्टू को कृतघ्न ठहरा रही है, जबकि भाजपा अपमान का रोना रो रही। यह घटना सत्ता के नशे में भूले अहसानों की याद दिलाती है।
