
मुंबई, 4 फरवरी। महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुलिस गोलीबारी वाले बयान पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि हिंसा को बढ़ावा देने वाले किसी भी संगठन को, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम, आतंकवादी ही माना जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अपराधी अगर गोली चलाते हैं तो पुलिस को भी जवाब देना चाहिए। ‘पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए? उन्हें पिस्तौल इसी लिए दी गई है और ट्रेनिंग उसी भाषा में जवाब देने की है।’
दलवई ने इसे कानूनの手取り返し करार दिया। ‘पुलिस को अपराधियों को डराने के लिए हथियार दिए जाते हैं, मारने के लिए नहीं। बिना सोचे-समझे इंसान को मारना गलत है। ये हिंसक मानसिकता वाले लोग हैं, जिनका भरोसा सिर्फ बल पर है।’
एनसीपी के विलय पर दलवई ने कटाक्ष किया, ‘एक होकर भी भाजपा को ही समर्थन देंगे। शरद पवार सिद्धांतों पर अडिग रहेंगे, भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। अजित पवार गुट तो पहले से भाजपा की बी-टीम है।’
ममता बनर्जी के SIR विरोध पर बोले, ‘भाजपा बंगाल, तमिलनाडु, केरल पर नजरें गड़ाए है। एक पार्टी-एक धर्म की सोच से ममता को घेर रही है, लेकिन चुनाव में सफलता नहीं मिलेगी।’
दलवई के बयान ने राजनीतिक बहस को नई गर्मी दे दी है, जहां कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक मुद्दे केंद्र में हैं।