
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम और फिटनेस सेंटर्स के बहाने युवतियों के यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, इसे मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है।
जानकारी के मुताबिक, एक संगठित गिरोह इन सेंटर्स के जरिए 50 से ज्यादा महिलाओं को फंसाने का काम कर रहा था। इसमें एक पुलिसकर्मी की संलिप्तता भी उजागर हुई है, जिससे कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच, पीड़ितों की सुरक्षा, दोषी अफसरों पर कार्रवाई और जिमों के लिए कड़े नियमों की मांग की है।
एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत कार्रवाई शुरू की। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से जिम पंजीकरण और मानकों पर रिपोर्ट तलब की गई है। युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय और खेल प्राधिकरण से भी दिशानिर्देश मांगे गए।
मिर्जापुर के डीएम और एसपी को दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने के आदेश हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई तय होगी, ताकि ऐसी घटनाओं पर पूर्ण रोक लगे।
