
भारत ने वैश्विक पटल पर अपनी आर्थिक मजबूती एक बार फिर साबित कर दी है। यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते के ठीक बाद अमेरिका के साथ व्यापारिक सौदा करना देश की नीति निर्माण क्षमता को दर्शाता है। एलआईसी के प्रबंध निदेशक दिनेश पंत ने बुधवार को यह बात कही।
समाचार एजेंसी से विशेष बातचीत में पंत ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील निर्यात को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे वैश्विक स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ेगा। अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत होने से वस्त्र, जूते और श्रम प्रधान क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा।
केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2014 से अपनाई गई नीतियों को सुदृढ़ करने वाला बजट पेश किया है। 2047 तक विकसित भारत और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों पर जोर दिया गया है। बीमा क्षेत्र को जीएसटी हटाने से पहले ही करोड़ों पॉलिसीधारकों को भारी राहत मिल चुकी है।
पंत ने बताया कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का सीधा फायदा बीमा उद्योग को होता है। एलआईसी जीएसटी सुधारों का लाभ उठाकर कारोबार विस्तार पर ध्यान दे रही है। एनएसई आईपीओ में निवेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी फैसले पॉलिसीधारकों के हित में लिए जाते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोमवार रात सोशल मीडिया पर घोषित इस डील से भारत के व्यापारिक सफर को नई उड़ान मिलेगी। यह भारत की कूटनीतिक कुशलता और आर्थिक दमखम का प्रतीक है।