
श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में बुधवार को भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान से उतरे। यह ऐतिहासिक घटना दोनों देशों के गहन आध्यात्मिक रिश्तों को नई दिशा देने वाली है। 4 से 10 फरवरी तक गंगारामया मंदिर में इनका प्रदर्शन होगा, जहां हजारों भक्त दर्शन के लिए उमड़ेंगे।
हवाई अड्डे पर धार्मिक मामलों के मंत्री डॉ. हिनिदुमा सुनील सेनेवी और अन्य अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। बौद्ध भिक्षुओं व श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने माहौल को श्रद्धा से भर दिया।
मंदिर ने सुरक्षा व व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दिल्ली से रवानगी से पूर्व राष्ट्रीय संग्रहालय व एयरपोर्ट पर विशेष पूजन हुए, जिसमें बड़ी भीड़ ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में घोषित यह प्रदर्शन भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का प्रतीक है। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने भारत का आभार जताया, कहा कि यह संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
यह पहली बार है जब ये अवशेष विदेश में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए गए हैं, जो बौद्ध विरासत को वैश्विक पटल पर लाएंगे।