
बिहार के कटिहार जिले में ट्रैफिक पुलिस की करतूतों ने सबको हैरान कर दिया है। मनिहारी मोड़ पर एक सब-इंस्पेक्टर और होमगार्ड जवान चेकिंग के बहाने 6000 रुपये के चालान को महज 200-500 रुपये में ‘मैनेज’ कर रहे थे। इस घोटाले का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद एसपी शिखर चौधरी ने कड़ी कार्रवाई की। होमगार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एसआई फरार है।
वीडियो में साफ दिखता है कि वाहन चालक को भारी जुर्माने का डर दिखाया जाता है। चालक माफी मांगता है, लेकिन पुलिसकर्मी चाय की दुकान पर 200 रुपये रखने का रास्ता सुझाते हैं। आरोप है कि यह दुकान रिश्वत संग्रह का केंद्र बनी हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी प्रथा लंबे समय से चल रही है।
एसपी ने वीडियो के आधार पर दोनों पर एफआईआर दर्ज कराई। जांच में और लोग फंस सकते हैं। यह मामला पुलिस व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के बजाय भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है यह सिस्टम।
नागरिकों में आक्रोश है। डिजिटल चालान और सीसीटीवी की मांग तेज हो गई है। कटिहार पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को सजा मिलेगी, लेकिन विश्वास बहाल करने के लिए व्यापक सुधार जरूरी हैं। यह वीडियो भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का प्रतीक बन चुका है।