
बीजिंग में 3 फरवरी को शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विचार अनुसंधान केंद्र ने अपना 2026 वार्षिक अकादमिक सम्मेलन आयोजित किया। देश के प्रमुख सामाजिक विज्ञान संस्थानों और विश्वविद्यालयों से 100 से अधिक विशेषज्ञों और विद्वानों ने इसमें शिरकत की।
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विचार को मार्क्सवादी सांस्कृतिक सिद्धांत का समृद्धिकरण तथा समकालीन चीनी सांस्कृतिक प्रक्रियाओं का सैद्धांतिक सार बताया। उन्होंने कहा कि यह नए दौर में वैचारिक-सांस्कृतिक कार्यों को मजबूत करने, सांस्कृतिक समृद्धि को गति देने और सांस्कृतिक महाशक्ति निर्माण के लिए शक्तिशाली वैचारिक अस्त्र व वैज्ञानिक दिशानिर्देश प्रदान करता है।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं केंद्रीय समिति के चौथे अधिवेशन के निर्देशानुसार, पूरे देश में सांस्कृतिक नवाचार व रचनात्मकता को प्रोत्साहन देकर समाजवादी संस्कृति के विकास को बढ़ावा देना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने चीनी सभ्यता के नवीन तत्वों की खोज, नए युग के सांस्कृतिक अभ्यासों पर आधारित कार्य, सूचना प्रौद्योगिकी की लहरों का अनुसरण, वैश्विक सभ्यताओं से सीख तथा सांस्कृतिक प्रगति के लिए मजबूत गति पर बल दिया।
इसके अलावा, शोध को गहरा बनाने हेतु शैक्षणिक सिद्धांतों का पालन, बहु-विषयी संसाधनों का उपयोग, स्वस्थ शैक्षणिक माहौल का निर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। सम्मेलन ने सांस्कृतिक क्षेत्र में नए आयाम खोलने का संकल्प लिया।