
वॉशिंगटन, 4 फरवरी। अमेरिका और भारत के बीच हालिया व्यापारिक समझौता न्यू दिल्ली की कूटनीतिक सफलता के रूप में सराहा जा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पत्रकारों से बातचीत में इस डील की तारीफ की और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत रिश्तों पर जोर दिया।
लेविट ने कहा कि ट्रंप को विशेष रूप से मोदी जी और भारत से अपने संबंध बेहद पसंद हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूस से तेल खरीद बंद करने का वचन दिया है और इसके बजाय वेनेजुएला या अमेरिका से खरीदारी बढ़ाएगा। भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जबकि रूस ने ऐसी सूचना से इंकार किया।
यह समझौता अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने वाली ट्रंप की टैरिफ नीति का नतीजा है। लेविट ने बताया कि मोदी ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया, जिसमें ऊर्जा, परिवहन और कृषि शामिल हैं। ट्रंप ने सीधे मोदी से बात कर यह उपलब्धि हासिल की।
ट्रंप का आर्थिक एजेंडा कारगर साबित हो रहा है। टैरिफ लगाने से अमेरिकी उद्योगों को बल मिला है और विदेशी निवेश बढ़ा है। हाल के महीनों में निर्माण क्षेत्र में नौकरियों में उछाल आया है। दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंध इस साझेदारी की बुनियाद हैं।
यह डील ऊर्जा बाजारों को नया आकार देगी और दोनों देशों के लिए आर्थिक फायदे लाएगी। अमेरिका-भारत रिश्ते अब नई ऊंचाइयों पर हैं।