
गर्भावस्था किसी महिला के जीवन का वह सुनहरा दौर होता है जब सावधानीपूर्वक देखभाल से न केवल मां स्वस्थ रहती है बल्कि शिशु का सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होता है। प्रसव पूर्व देखभाल यानी एंटीनेटल केयर इस यात्रा का आधार स्तंभ है, जो स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के साथ-साथ सकारात्मक अनुभव प्रदान करती है।
गर्भधारण की पुष्टि होते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराएं। नियमित जांचों से वजन, रक्तचाप, एनीमिया, डायबिटीज और मूत्र संबंधी विकारों का शीघ्र पता चल जाता है, जिससे जोखिम न्यूनतम रहते हैं।
पौष्टिक भोजन गर्भावस्था की कुंजी है। दालें, हरी leafy सब्जियां, फल, दूध उत्पाद और अनाज रोजाना ग्रहण करें। चिकित्सक निर्देश पर आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंट लें ताकि रक्त की कमी न हो और शिशु का मस्तिष्क विकास बेहतर हो। चाय-कॉफी सीमित रखें, धूम्रपान-शराब से परहेज करें।
पूर्ण विश्राम की भ्रांति छोड़ें; हल्की सैर या घरेलू कार्य लाभकारी हैं। भारी बोझ, अत्यधिक श्रम या बिना सलाह दवाओं से दूर रहें।
मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी न करें। हार्मोनल परिवर्तनों से उत्पन्न चिंता में परिवार का साथ, परामर्श और जन्म तैयारी कक्षाएं आत्मबल बढ़ाती हैं।
प्रत्येक तिमाही में आहार बदलें—हल्का, पचने योग्य भोजन अपनाएं, तला-भुना कम करें। इस तरह एंटीनेटल केयर स्वस्थ मां और सुखी प्रसव की गारंटी देती है।