
पटना/रांची, 4 फरवरी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर भाजपा नेताओं ने कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इसे चुनावी हार के डर से उपजा नाटक करार दिया और लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि ममता को अब समझ आ गया है कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की जमीन तेजी से खिसक रही है। इसलिए वह थिएटर कर रही हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह ड्रामा ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता का हवाला देते हुए कहा कि आयोग के विरुद्ध कोई ठोस शिकायत नहीं है। एसआईआर प्रक्रिया देशव्यापी है, केवल बंगाल तक सीमित नहीं। उन्होंने ममता पर अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से गुंडागर्दी कराने का इल्जाम लगाया, जो अब समाप्ति की ओर है।
सरावगी ने चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था बताते हुए बंगाल के संसाधनों के दुरुपयोग की निंदा की। उन्होंने घुसपैठियों द्वारा राज्य संसाधनों के शोषण का जिक्र किया, जिससे आम जनता परेशान है। उनका दावा है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय है और ममता की हार का भय साफ दिख रहा है।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ममता केवल एक झूठा नैरेटिव गढ़ने में लगी हैं। उन्हें चुनाव हारने का पहले से अहसास है, इसलिए वह एसआईआर को अपना निशाना बताती रहीं। यह प्रक्रिया पूरे देश में चल रही है।
चुनावी माहौल तनावपूर्ण हो गया है। भाजपा का यह आक्रमण टीएमसी की कमजोरी को उजागर करता है, जबकि ममता का कोर्ट जाना हार की स्वीकारोक्ति जैसा लग रहा है। आने वाले समय में बंगाल की सियासत रोचक मोड़ लेगी।