
नई दिल्ली से एक ऐतिहासिक सफर पर निकले भगवान बुद्ध के देवनीमोरी पवित्र अवशेष। भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान से ये अवशेष कोलंबो के गंगारामया मंदिर पहुंचेंगे, जहां 4 से 11 फरवरी तक दर्शन होंगे। 5 फरवरी से आम भक्तों के लिए पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से साकार हो रही यह कवायद भारत की सीमाओं के पार बौद्ध विरासत साझा करने की मिसाल है। द्वीप राष्ट्र में लाखों भक्त, बौद्ध भिक्षु और विदेशी तीर्थयात्री इनका दर्शन करने उमड़ेंगे।
श्रीलंका की हाईकमिश्नर महिशिनी कोलोन ने इसे देश के लिए अनमोल वरदान बताया। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह अवशेषों का पहला अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन है।
पीएम मोदी के हालिया भाषण में उल्लेख किया गया कि वियतनाम से मंगोलिया तक भारत बुद्ध के संदेश को फैला रहा है। दिल्ली के राय पिथौरा में हाल ही आयोजित पिपराहवा अवशेष प्रदर्शनी के बाद यह नया अध्याय जोड़ता है।
यह प्रदर्शनी न केवल आस्था जगाएगी बल्कि भारत-श्रीलंका के सांस्कृतिक बंधन को और मजबूत करेगी, बौद्ध दर्शन के शांति संदेश को दुनिया तक पहुंचाते हुए।