
केरल विधानसभा में बुधवार को तीसरे लगातार दिन भी जमकर हंगामा हुआ। सबरीमाला मंदिर से सोने की कथित चोरी के मामले की जांच को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तलवारें भिड़ गईं। कांग्रेसनीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने पिनराई विजयन सरकार पर आरोप लगाया कि वह आगामी चुनाव से पहले इस केस को जल्दबाजी में दबाने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दावा किया कि जांच को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है ताकि बड़े प्रभावशाली लोग बच सकें। सतीशन ने मुख्यमंत्री की उस टिप्पणी पर कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने सदन की पिछली मारपीट को ‘मजाक’ करार दिया था। उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ सदन में की गई टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग भी की।
सरकार की ओर से मंत्री एम.बी. राजेश, पी. राजीव और वी. शिवनकुट्टी ने पलटवार किया। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए मामले को तूल देने का आरोप लगाया। राजेश ने टिप्पणियां हटाने से इनकार करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष ने कोई अपशब्द नहीं इस्तेमाल किया। राजीव ने सवाल उठाया कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में कैसे था।
इसके बाद सत्ताधारी सदस्यों ने आरोपी की राष्ट्रीय नेताओं संग तस्वीरें दिखाईं तो विपक्ष ने भी वाम नेताओं वाली तस्वीरें पेश कीं। निजी हमलों के बीच सदन की कार्यवाही बार-बार ठप हुई और विपक्ष वॉकआउट कर गया।
मामले में 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी एसआईटी 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई, जिससे तीन आरोपी जमानत पर रिहा हो गए। विपक्ष इसे जांच में खामियों का सबूत मानता है जबकि सरकार अदालती निगरानी में जांच जारी रखने का भरोसा दिलाती है। यह विवाद चुनावी माहौल को और गरमा सकता है।