
नई दिल्ली में संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और सिख केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक हलचल मचा दी। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना पर कड़ा प्रहार किया, कांग्रेस की पुरानी मानसिकता को कटघरे में खड़ा करते हुए।
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए सिरसा ने कहा, ‘राहुल गांधी द्वारा संसद में सिख मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहना बेहद निंदनीय है। यह शर्मनाक बयान है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि सिख सरदार कभी गद्दार नहीं हो सकते।
गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए सिरसा ने 1984 की घटनाओं का जिक्र किया- श्री दरबार साहिब पर तोपों का हमला, अकाल तख्त का विध्वंस और बेगुनाह सिखों को टायर पहनाकर जिंदा जलाना। ‘असली गद्दार तो वही हैं जिन्होंने ये कुकृत्य किए,’ उन्होंने कहा।
कांग्रेस की सोच में आज भी वही जहर बरकरार है, सिरसा ने आरोप लगाया। सिखों के खिलाफ ऐसी भाषा असहनीय है, जो समुदाय का अपमान करती है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
यह विवाद सिख मुद्दों को फिर से उछाल रहा है, जहां भाजपा कांग्रेस के ऐतिहासिक पापों को रेखांकित कर रही है। सिरसा का बयान संसदीय मर्यादा पर सवाल उठाता है और सिख एकता को मजबूत करने का संदेश देता है। आगे की बहस में यह मुद्दा गरमाता नजर आ रहा है।