
झारखंड के पलामू जिले से रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। एक मां ने अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी का ब्याह 55 साल के अधेड़ से करवा दिया और खुद प्रेमी के साथ गायब हो गई। पिता के लौटने पर यह काला कारनामा खुला और उन्होंने बेटी को नर्क जैसे जीवन से मुक्त कराया।
नावाजयपुर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में पीड़ित बच्ची ने पुलिस को बताया कि मां ने उसके पिता की गुजरात में मौत का झूठा बहाना बनाया। इसी बहाने से दो माह पूर्व उसे बिश्रामपुर के प्रभाकर कुमार मिश्रा के सुपुर्द कर दिया। मिश्रा ने मेदिनीनगर के किराये के मकान में उसे कैदी बना रखा था।
सूरत से मजदूरी कर लौटे पिता को घर पर बेटी न मिली तो उन्होंने तलाश शुरू की। बेटी को खोज निकाला और घर लाए। वहां मासूम ने आंसू बहाते हुए मां की साजिश और हुए अत्याचार की पूरी दास्तान सुनाई।
इसके बाद पलामू पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। एसपी रीष्मा रमेशन के आदेश पर सदर थाने की टीम ने छापा मारा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है, जहां उसका मानसिक उपचार चल रहा है।
पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध कानून और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपी मां अपने प्रेमी संग फरार है, पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई है। यह मामला समाज में ममता के अपमान को उजागर करता है और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। स्थानीय लोग ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान की मांग कर रहे हैं।