
कोलकाता। अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में कई महत्वपूर्ण स्थानों पर धावा बोला। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से कोयले की चोरी और रेत माफिया के नेटवर्क को निशाना बनाते हुए यह अभियान चलाया गया।
सुबह-सुबह नबाग्राम में ईडी की टीम पहुंची, जहां 25-30 अधिकारियों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के सहयोग से तलाशी शुरू की। दुर्गापुर और पांडवेश्वर क्षेत्रों में भी समानांतर छापे मारे गए। दुर्गापुर में एक प्रमुख रेत व्यापारी के आलीशान घर पर फोकस रहा, जो पानागढ़ से दो साल पहले यहां बस गया और हाल में दुबई की यात्रा कर चुका है।
घर में प्रवेश करने में शुरुआती बाधा का सामना करना पड़ा, लेकिन केंद्रीय बलों की मदद से अधिकारी अंदर दाखिल हुए। संदिग्ध के भाई के आवास पर भी सर्च ऑपरेशन चला। ईडी रेत खनन के संबंधों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
यह कार्रवाई जनवरी 2024 में आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापों से मिले सुरागों पर आधारित है। उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विवादास्पद तरीके से दस्तावेज हटाए थे। अभी तक कोई बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन यह अभियान अवैध व्यापार पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इन घटनाओं से राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जबकि ईडी आर्थिक अपराधों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर रही है। पर्यावरण और राजस्व की रक्षा के लिए ऐसी सख्ती जरूरी है।