
वाशिंगटन में अमेरिका और भारत के बीच नवीनतम व्यापार समझौते को दोनों दलों के अमेरिकी विधायकों ने जोरदार स्वागत दिया है। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच यह समझौता व्यापार को गति देगा, ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाएगा और वैश्विक मंच पर सहयोग को मजबूत करेगा।
भारतीय मूल के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इसे कठिन दौर के बाद आवश्यक बदलाव करार दिया। उन्होंने कहा कि ऊंचे टैरिफ ने अनावश्यक तनाव पैदा किया था, लेकिन यह डील दोनों को आगे बढ़ने का अवसर देती है। भारत के साथ व्यापार वृद्धि से मजदूरों, उद्योगों और नई तकनीकों को लाभ होगा, क्योंकि भारत एक मित्रवत लोकतंत्र और रणनीतिक साझेदार है।
सीनेटर स्टीव डेन्स ने इसे सभी के लिए स्पष्ट विजय बताया। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की विशाल अर्थव्यवस्था अमेरिकी कृषि और ऊर्जा क्षेत्र के लिए सुनहरा अवसर है। रूस के बजाय अमेरिकी तेल खरीदना वैश्विक संदेश है, हालांकि व्यापार संतुलन पर अभी काम बाकी है।
सीनेट विदेश मामलों समिति के चेयरमैन जिम रिश ने इसे बड़ी सफलता माना। भारत द्वारा व्यापार बाधाओं में कमी का स्वागत करते हुए उन्होंने रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। अमेरिका से भारत की खरीदारी बढ़ने से रूस की आक्रामकता पर अंकुश लगेगा और यूक्रेन युद्ध समाप्ति के प्रयासों को बल मिलेगा।
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी इसे रूस पर दबाव का हिस्सा बताया। भारत को यह रियायत मिलनी चाहिए और अन्य देशों को अनुसरण करना होगा। जब दबाव चरम पर पहुंचेगा, रूस वार्ता के लिए बाध्य होगा। व्यापार, ऊर्जा और हिंद-प्रशांत में सहयोग मजबूत करने की यह पहल दोनों देशों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी।