
नई दिल्ली, 3 फरवरी। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 4 फरवरी को बुधवार के साथ आ रही है। गणेश भगवान को समर्पित यह संयोग शिक्षा, व्यापार और नवीन कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम है, बशर्ते राहुकाल जैसे अशुभ काल से परहेज किया जाए।
दृक पंचांगानुसार, तृतीया 4 फरवरी रात 12:09 बजे से 5 फरवरी प्रभात तक विद्यमान रहेगी। बुधवार गणपति आराधना के लिए सर्वोत्तम, जो बुद्धि वृद्धि, सफलता और विघ्न नाश का वरदान देता है।
सूर्योदय प्रातः 7:08 बजे, सूर्यास्त सायं 6:03 बजे। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 10:12 बजे तक, तत्पश्चात् उत्तराफाल्गुनी। अतिगण्ड योग 5 फरवरी रात्रि 1:05 बजे तक। वणिज करण दोपहर 12:19 बजे तक, फिर विष्टि। चंद्र सिंह राशि में।
शुभ मुहूर्त: ब्रह्म 5:23-6:15 पूर्वाह्न, विजय 2:24-3:08 अपराह्न, गोधूलि 6:00-6:26 संध्या, अमृत काल 3:48-5:24 अपराह्न—सर्वश्रेष्ठ समय।
अशुभ: राहुकाल 12:35-1:57 दोपहर, यमगण्ड 8:30-9:51 पूर्वाह्न, गुलिक 11:13-12:35 पूर्वाह्न।
गणपति को दूर्वा, लाल पुष्प, मोदक, लड्डू, पान अर्पित करें। ‘ॐ गं गणपतये नमः’, गणेश द्वादश नाम, संकट नाशन स्तोत्र, अथर्वशीर्ष पाठ फलदायी। यह दिन समृद्धि का द्वार खोलेगा।