
मुंबई के जुहू इलाके में निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने पूरे बॉलीवुड को हिलाकर रख दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के जुड़े अपराधियों ने हमले से पहले कई दिनों तक शेट्टी के बंगले और आसपास के क्षेत्र की पैनी नजर रखी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि रेकी उसी स्कूटर पर की गई, जिससे शूटर ने फायरिंग के बाद फरार हुआ।
अज्ञात हमलावर ने पांच गोलियां चलाईं और स्कूटर पर सवार होकर विले पार्ले रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां वाहन छोड़कर ट्रेन से शहर से बाहर हो गया। पुलिस ने पाया कि यह स्कूटर पुणे से 30 हजार रुपये में खरीदा गया था। मूल रूप से आनंद मारोटे के नाम रजिस्टर्ड यह स्कूटर 2009 से उनके पास था। घटना से ठीक 12 दिन पहले मारोटे ने इसे गिरफ्तार आरोपी आदित्य गायकवाड़ को बेच दिया, पैसे दिए थे कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी समर्थ पोमाजी के इशारे पर सिद्धार्थ येनपुरे और स्वप्नील सकट ने स्कूटर पुणे से लोनावाला ले जाने की कोशिश की। योजना बदलने पर इसे मुंबई पहुंचाया गया और शूटर को सौंप दिया। इस काम के लिए उन्हें अतिरिक्त रकम भी मिली। इन आरोपियों को साजिश की जानकारी थी, लेकिन निशाना रोहित शेट्टी का घर होने का पता नहीं था।
समर्थ पोमाजी ने शुभम लोनकर के सिग्नल ऐप पर लगातार संपर्क में रहते हुए पूरी साजिश रची। गायकवाड़ की मदद से स्कूटर का इंतजाम किया और अपराध की धुरी बने। पुलिस ने चारों—आदित्य गायकवाड़, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी व स्वप्नील सकट—को गिरफ्तार कर लिया है। शुभम लोनकर की तलाश तेज हो गई है।
यह मामला बॉलीवुड सितारों पर मंडराते गैंगस्टर खतरे को उजागर करता है। जांच आगे बढ़ रही है।