
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का लंबे इंतजार के बाद आईपीओ आने वाला है। कंपनी के एमडी व सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) तैयार होने में 3-4 महीने लगेंगे।
राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में आईएएनएस से बातचीत के दौरान चौहान ने सेबी की मंजूरी के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि 10 साल की मशक्कत के बाद नियामक ने हरी झंडी दी है, जिसका हम स्वागत करते हैं।
एनएसई के पास फिलहाल 1.91 लाख शेयरधारक हैं। ओएफएस में हिस्सा लेने के इच्छुक और पात्र निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच सकेंगे। डीआरएचपी तैयार करने के साथ ही ओएफएस पर भी एक साथ काम चल रहा है।
पिछले दशक में गवर्नेंस मुद्दों और को-लोकेशन विवाद ने आईपीओ को लटका दिया था। चेयरपर्सन श्रीनिवास इनजेटी ने इसे शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन का अवसर बताया। 2016 से चली कोशिशें अब रंग ला रही हैं।
सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे के संकेतों से बाजार में उत्साह था। अब एनएसई आईपीओ की रूपरेखा और समयसीमा तय करेगा। यह कदम पूंजी बाजार को नई गति देगा। निवेशक एनएसई के वैल्यूएशन पर नजरें गड़ाए हैं।