
मुंबई। केंद्रीय बजट 2026-27 से ठीक पहले भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह लगभग 1 प्रतिशत की शानदार बढ़त हासिल की। वैश्विक संकेतों के मिले-जुले असर और भू-राजनीतिक तनाव के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव तो रहा, लेकिन समग्र माहौल सतर्क optimist रहा।
सप्ताह के अंत में निवेशकों का रिस्क लेने का मनोबल कमजोर पड़ा। एफआईआई की लगातार बिकवाली और रुपये की दुर्बलता ने आखिरी सत्र में गिरावट ला दी।
निफ्टी में साप्ताहिक 1.09 प्रतिशत की बढ़त रही, लेकिन शुक्रवार को 0.39 प्रतिशत लुढ़ककर 25,320 पर बंद। सेंसेक्स 296 अंक या 0.36 प्रतिशत नीचे 81,537 पर समाप्त, फिर भी हफ्ते में 0.90 प्रतिशत ऊपर।
सेक्टरों में कंज्यूमर सर्विसेज व हार्डवेयर टेक सबसे ज्यादा गिरे (2.5-3.7%)। एफएमसीजी, मीडिया, सॉफ्टवेयर में 1% से अधिक कमी।
मेटल, ऑयल-गैस में 2%+ तेजी, हालांकि निफ्टी मेटल अंत में 5% से ज्यादा टूटा। मजबूत डॉलर व फेड अनिश्चितताओं से आईटी में मुनाफावसूली।
ऑटो-बेवरेज में प्रतिस्पर्धा से कमजोरी। मिडकैप 100 में 2.25%, स्मॉलकैप 100 में 3.2% उछाल।
हफ्ते की शुरुआत टैरिफ चिंताओं से कमजोर, लेकिन भारत-ईयू डील की उम्मीदों व आर्थिक सर्वे के सकारात्मक आंकड़ों ने जोश भरा। सर्वे में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मजबूत विकास व नियंत्रित मुद्रास्फीति का अनुमान।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट बाजार की दिशा तय करेगा। नीतिगत समर्थन से अर्थव्यवस्था वाले सेक्टर मजबूत रह सकते हैं, आईटी वैश्विक संकेतों पर संवेदनशील।